60 साल से अधिक उम्र के सक्रिय लोगों ने क्रिएटिन + HMB स्टैक लिया और केवल छह हफ़्तों में शक्ति में उल्लेखनीय सुधार दिखाया, जबकि मांसपेशी द्रव्यमान में बदलाव नगण्य रहा। यह डबल‑ब्लाइंड क्रॉसओवर ट्रायल 30 प्रतिभागियों पर किया गया, जिसमें पैर, पीठ और बांह की ताकत के साथ‑साथ ऊपरी शरीर और कोर की सहनशक्ति में भी बढ़ोतरी देखी गई। आँकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि शक्ति में सुधार मुख्यतः मांसपेशी आकार से स्वतंत्र था, यानी न्यूरो‑मस्क्युलर प्रभाव संभावित है। हालाँकि, इस निष्कर्ष को समझते समय याद रखें: अध्ययन की अवधि केवल छह हफ़्ते थी, सैंपल छोटा था और बॉडी‑कॉम्पोज़िशन BIA से मापा गया।
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